श्रवण का स्वामी ग्रह चन्द्र है और यह मकर राशि में आता है। यहाँ श्रवण में जन्मे लोगों का स्वभाव, करियर, प्रेम और उपाय दिए गए हैं।
श्रवण स्वभाव
श्रवण में जन्मे लोगों पर उनके स्वामी ग्रह चन्द्र और मकर राशि का गहरा प्रभाव होता है। यही संयोजन उनके स्वभाव को आकार देता है, जिसमें मकर की भावनात्मक प्रवृत्ति और चन्द्र की आंतरिक ऊर्जा दोनों झलकती हैं। ये जातक अपने दृढ़ संकल्प, प्रबल अंतर्ज्ञान और स्पष्ट उद्देश्य के लिए पहचाने जाते हैं। वे दिखावे के बजाय सच्चाई और अपने विश्वास पर चलना पसंद करते हैं। चूँकि चन्द्र श्रवण का स्वामी है, जन्म कुंडली में इसकी स्थिति आत्मविश्वास और जीवन की दिशा को काफ़ी हद तक प्रभावित करती है।
करियर व धन
श्रवण के जातकों की करियर संभावनाएँ मुख्यतः उनके स्वामी ग्रह चन्द्र की स्थिति पर निर्भर करती हैं। जब चन्द्र कुंडली में बलवान होता है, तो जातक उसके स्वाभाविक कारकत्व से जुड़े क्षेत्रों में सफलता पाते हैं और मेहनत के बल पर आगे बढ़ते हैं। मकर का प्रभाव उन्हें व्यावहारिक और लक्ष्य-केंद्रित बनाता है, जिससे धन में स्थिर वृद्धि होती है। अचानक लाभ की तुलना में परिश्रम से अर्जित प्रगति अधिक टिकाऊ होती है। विंशोत्तरी दशा में चन्द्र की अवधि अक्सर व्यवसाय, आय और प्रतिष्ठा में महत्वपूर्ण मोड़ लाती है।
प्रेम व विवाह
रिश्तों में श्रवण के जातक निष्ठा, भावनात्मक ईमानदारी और अपनी स्वतंत्रता का सम्मान करने वाले साथी की तलाश करते हैं। मकर राशि यह तय करती है कि वे प्रेम कैसे व्यक्त करते हैं, जबकि चन्द्र उनके संबंधों की गहराई और स्थिरता को प्रभावित करता है। ये लोग सच्चे मन से प्रतिबद्ध होते हैं और क्षणिक आकर्षण के बजाय दीर्घकालिक सुरक्षा को महत्व देते हैं। विवाह के लिए गुण मिलान द्वारा चंद्र नक्षत्र का मिलान तथा दोनों कुंडलियों में चन्द्र और शुक्र की स्थिति जाँचना अनुकूलता समझने में सहायक होता है।
श्रवण के उपाय
चन्द्र को उसके मंत्र, ज्योतिषी द्वारा अनुशंसित रत्न और उचित दान से बल देने से श्रवण की ऊर्जा संतुलित होती है। चन्द्र के बीज मंत्र का जप, ग्रह से जुड़ी वस्तुओं का उसके वार पर दान, और श्रवण के आराध्य देव की पूजा विशेष रूप से लाभकारी मानी जाती है। कोई भी रत्न धारण करने से पहले पूर्ण कुंडली विश्लेषण अवश्य कराएँ।
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